• उपवास करने से न सिर्फ शारीरिक रोग दूर होते हैं, बल्कि उपवास करने वाले का मन और आत्मा भी शुद्ध हो जाती है।
  • रोग होने पर रोग के कारण शरीर में जमा जहरीले पदार्थों को बाहर निकालने का एक बहुत ही मजबूत साधन उपवास है।
  • प्रकृति रोग को दूर करने के लिए हमें उपवास करने का निर्देश देती है। पर हम हैं कि इस निर्देश को समझते ही नहीं।
  • सप्ताह में एक बार उपवास अवश्य रखें क्युकि उपवास करने से कफ का प्रकोप बहुत जल्द शांत होता है।
  • भोजन की थोड़ी सी मात्रा भी भोजन की अधिक मात्रा की उपेक्षा अधिक ऊर्जा देगी। इसीलिए योगी बिना अपने शरीर को कोई क्षति पहुँचाए कई दिन तक उपवास कर पाते है।
  • संसार के सभी धर्मों में उपवास को ईश्वर के निकट पहुँचने का एक सबसे कारगर उपाय माना गया है।धार्मिक मान्यताओं के परे यह निर्विवाद सत्य है कि उपवास करने से शरीर स्वस्थ रहता है।
  • उपवास से स्वाद ग्रहण करने वाली ग्रंथियाँ पुनः सक्रिय होकर काम करने लगती हैं। उपवास आपके आत्मविश्वास का स्तर बढ़ा सकता है।
  • उपवास का मुख्य उद्देश्य आँतों (पेट) को आराम देना एवं रसना (जिव्हा) संयम के साथ-साथ आध्यात्मिक उन्नति करना है।
  • उपवास के दिन कठिन परिश्रम के बजाय साधारण तरीके से दिन बिताना चाहिए। इस दिन ध्यान इत्यादि करना चाहिए।
  • उपवास शारीरिक क्षमता एवं स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर करना चाहिए। शरीर को अत्यधिक कष्ट देकर उपवास करना हानिकारक हो सकता है।