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HOW TO GET RID OF DISEASES FROM AROGYA VYAKHYAN?

हां, यह सब 100% सही बात है।

आरोग्य व्याख्यान से रोग मुक्ति कैसे ??

क्या सच में ऐसा हो सकता है ?

How to get rid of diseases from Arogya Vyakhyan?

व्याख्यान से रोग मुक्ति मिल सकती है ?

क्या व्याख्यान इतना असर कारक है ?

हां, यह सब 100% सही बात है।

समझिये,

आज न्यूरोसाइंस (Neuroscience) भी मानता है, के हमारे न्यूरॉन्स (Neurons) की रचना के द्वारा ही हमारे शरीर में, हमारे जीवन में हर जगह असर होती है। उसी की वजह से रोग भी आते हैं।

आसान भाषा में समझे तो हमारी जो सोच है, उसकी असर हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर भी होती है।

जैसे के देखा जाए तो थाइरोइड (Thyroid) हमारी भावनाओं से संबंधित रोग है। अगर कोई मनुष्य अपनी भावनाओं को बार-बार दबाता रहता है, उसे सही तरह से व्यक्त नहीं कर पाता है, तब जाकर यह भावनाओं के दबाव से यह थाइरोइड (Thyroid) जैसा रोग हो सकता है। आपके खानपान की भी इसमें असर होती है, परंतु यह सीधा आपकी भावनाओं से जुड़ा हुआ रोग है।

यह सब चीजों की जानकारी के लिए न्यूरोसाइंस के आधार पर कोई भी रोग को मिटाने के लिए हमारे न्यूरॉन्स की रचना को बदलना जरूरी है।

न्यूरॉन्स की जो रचना होती है, वह हमारे बार-बार एक तरीके से सोचने का नतीजा होता है, तो अगर हमें इसमें बदलाव लाना है, तो हमारे विचारों में, हमारी सोच में पहले बदलाव लाना ही पड़ेगा। इसके लिए निशुल्क आरोग्य व्याख्यान बहुत महत्व भूमिका निभाता है।

इसलिए वैद्य योगेश भाई वाणी जी के द्वारा निरामय स्वास्थ्यम् (Best Ayurvedic Treatment Center, Niramay Swasthyam) में निशुल्क आरोग्य व्याख्यान लिया जाते हैं।

अद्भुत पद्धति

यहां पर रोगों को मिटाने के लिए उन्होंने अद्भुत पद्धति निकाली है, जिसमें 5 चीजों पर भार दिया जाता है।

१) सोच

२) रसोई घर

३) जीवन शैली

४) प्राकृतिक

५) आयुर्वेद

सोच(Thought)

तो इसमें से सबसे पहला आता है, सोच।

यहां जो व्याख्यान वैद्य योगेश वाणी जी के द्वारा दिया जाता है, उसमें रोगों को मिटाने के लिए और स्वास्थ्य को जीवन में लाने के लिए मन का जो काम है, वह समझाया जाता है। हमारे मन में जो सोच को हमें लाना है जिससे स्वास्थ्य की जो परिभाषा है उसे मन में स्थापित करना है, वह कैसे करें वह पूरा मूल रूप से समझाया जाता है।

इसके अलावा हमारे सोच की वजह से हमारे दिनचर्या में जो असर होती है, रोगों के लिए हमारी जो मनो धारणा बन गई है, इसके ऊपर कार्य किया जाता है। क्योंकि हम जो सोचते हैं, वैसे ही हमारी मनःस्थिति बनती है। और यही मन की स्थिति हमारे आरोग्य पर असर करती है। इसे बदलने के लिए एक ही चीज कर सकते हैं, हमारे सोच को हमारे विचारों को एक नई दिशा देकर, और यह सब से असर कारक चीज है। क्योंकि काफी बार ऐसा देखा गया है, के दर्दी दवाई तो लेता है, पर उनके विचारों में बदलाव नहीं आता! तो दवाई की भी उनके शरीर पर असर नहीं होती। इसलिए सबसे पहला ध्यान हमने दर्दी की सोच बदलने पर रखा है। आरोग्य व्याख्यान इसके लिए बहुत असर कारक है और सकारात्मक परिणाम देते हैं।

उदाहरण के साथ समझते हैं,

एक ही बीमारी वाले 2 दर्दी होते हैं, जिनकी दवाई लेने की शुरुआत एक साथ शुरू होती है, थोड़े समय के बाद एक के अंदर परिवर्तन आने लगता है, स्वास्थ्य सुधरने लगता है।

परंतु दूसरे दर्दी में कोई फर्क नहीं लगता। तब जाकर दोनों को बारी-बारी बिठाया जाता है और उनसे काफी सवाल किए जाते हैं तब पता चलता है कि, जिस दर्दी के अंदर स्वास्थ्य का बदलाव अच्छा आने लगता है, वह दर्दी की खुद की सोच भी बदली हुई पाई गई। उसके अलावा दूसरा दर्दी जो था उसकी सोच में बदलाव नहीं पाया गया। वह दर्दी एक ही चीज बोलता कि मेरे रोग को मिटने में ज्यादा समय लगेगा ही लगेगा, पर पहला दर्दी खुश रहता और बोलता है कि,

मैं स्वस्थ होने लगा हूं।

यह हमारी परिक्षण (Research) के द्वारा हमने जाना है कि, यह जो मानसिकता होती है, वही रोग को मिटाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण कार्य करती है। इसके लिए सबसे पहला निरामय स्वास्थ्यम् (Best Ayurvedic Treatment Center, Niramay Swasthyam) में आरोग्य व्याख्यान पर भार दिया है। इसी वजह से यह भारत का Best Ayurvedic Treatment Center बन पाया है। और हमारे यहां बहुत दर्दी को हमने असाध्य बीमारियों से छुटकारा दिलाया है। निरामय स्वास्थ्यम् मैं आने के बाद पहले आपको व्याख्यान में आप के रोग के बारे में पूरी जानकारी दी जाती है,

जैसे कि क्या खाने की वजह से!

कैसी जीवनशैली की वजह से!

हमारी प्रकृति के द्वारा!

हमारे मन की स्थिति के द्वारा!

हमारे रसोई घर में लाने वाले परिवर्तन जैसी बहुत सारी चीजों को बारी-बारी समझाया जाता है।

इसके बाद वैद्य योगेश वाणी जी के द्वारा नाड़ी परीक्षण से आपके रोग का मूल्यांकन किया जाता है, और अगर आपको सही लगे तो आखिर में उसके लिए जरूरी आयुर्वेदिक दवाइयां भी दी जाती है।

आरोग्य व्याख्यान उद्देश्य

यहां पर जो आरोग्य व्याख्यान से रोग मुक्ति मिशन के द्वारा हम चल रहे हैं, तो यह व्याख्यान निशुल्क होता है। इसके बाद हमारे आयुर्वेदिक डॉक्टर वैद्य योगेश वाणी जी के द्वारा जो नाड़ी परीक्षण किया जाता है वह भी निशुल्क है।

योगेश वाणी जी भारत में पहले ही ऐसे वैद्य है, जिन्होंने यह सोचा और काम शुरू किया, इसी वजह से आज उनको सफलता भी प्राप्त हुई है।

और आरोग्य व्याख्यान से रोग मुक्ति जैसे मिशन को लेकर आज वह चल रहे हैं, और लोगों को रोग मुक्त कर रहे हैं।

तो आज यह निशुल्क सेवा जो वैद्य योगेश वाणी जी के द्वारा निरामय स्वास्थ्यम् (Best Ayurvedic Treatment Center, Niramay Swasthyam) में चल रही है जिससे भारत के हर एक रोग में रोगियों को सहायता मिल सकती है। तो हमें भी इसमें सहयोग करना चाहिए और यह अद्भुत प्रवृत्ति को हर एक व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए आपका योगदान महत्व पूर्ण है।

क्योंकि अगर मैं स्वस्थ हूं तो, मैं मेरे घर को स्वस्थ रख पाऊंगा और आगे बढ़कर अपने देश को भी स्वस्थ कर पाऊंगा। इसी वजह से पहले हमारा स्वस्थ रहना जरूरी है, हमारे आसपास के हर एक जगह पर जहां तक हम पहुंच पाए, जहां तक हमारी शक्ति है, वहां तक भी स्वास्थ्य को पहुंचाना यह हमारा एक स्वस्थ राष्ट्र के प्रति सही कदम है।

तो आप भी हमसे जुड़ें और लोगों तक यह अद्भुत प्रवृत्ति पहुंचाएं और स्वास्थ्य रक्षक बने। आपके आसपास में रहने वाले कोई भी व्यक्ति को असाध्य बीमारी है! जिनकी आजीवन दवाई  चालू  है, उनको निरामय स्वास्थ्यम् (Best Ayurvedic Treatment Center, Niramay Swasthyam) यानी हमसे जोड़कर आप स्वास्थ्य दाता बनिए और लोगों के जीवन में स्वास्थ्य का बदलाव लाइए।

क्योंकि आजकल पैसो का दान तो हर कोई करता है,

पर स्वास्थ्य का दान कोई नहीं करता।

स्वस्थ रहो, मस्त रहो


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