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Arogya Mandir

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पुरुष अपने जीवन काल में महिलाओं से 8 गुना कम डॉक्टर को देखते हैं, परंतु आत्महत्या (Suicide) केस में पुरुषों का अंक 5 गुना ज्यादा है।

इसलिए आज पुरुषों को सकारात्मक और मजबूत स्वास्थ्य को पाना जरूरी है।

10 Ayurvedic Tips for Men to Live Healthier Life.

स्वास्थ्य यानी सिर्फ रोगों का ना होना नहीं है, परंतु जीवन में आनंद भी होना चाहिए। और इसीलिए आयुर्वेद सिर्फ उनको बाहरी रोगों को मिटाने में मदद नहीं करता, परंतु तनाव मुक्त जीवन और संतुलन जीवन को बनाए रखने के लिए मदद करता है।

आयुर्वेद के अनुसार यह 10 चीजों के साथ हर एक पुरुष का जीवन स्वास्थ्य से भरपूर, आनंदित और लंबा हो सकता है।

10 ayurvedic tips for Men to live healthier, happier, and longer lives.

१) शारीरिक सक्रिय रहे (physically active)

आयुर्वेद के अनुसार रोज शरीर को कसरत, योग, प्राणायाम के द्वारा सक्रिय रखना जरूरी है। इसका फायदा है कि, हमारा शरीर और मन स्वस्थ रहता है। हमारे शरीर की रचना सक्रिय रहती है, हर चीज का संतुलन बना रहता है। मांसपेशियां मजबूत होती है और खून का परिभ्रमण अच्छे से रहता है।

उदाहरण- आयुर्वेद के अनुसार कफ प्रकृति वाले लोगों का शरीर जड़ होता है, इसलिए उनको कसरत ज्यादा करनी चाहिए परंतु मानसिक तौर पर कफ प्रकृति वाले आलसी होते हैं, इसीलिए हर रोज व्यायाम करना उनके लिए बहुत जरूरी है। जैसे के लंबा चलना, दौड़ना, प्राणायाम वगैरह।

२) तंबाकू को ना कहे। (Say No to Tobacco)

नशा छोड़ना सबसे मुश्किल काम लगता है।

इसके लिए आयुर्वेदिक उपचार के द्वारा आसानी से छुटकारा मिल सकता है। क्योंकि यह जो नशा है, वह जीवन का एक-एक दिन कम करता है, भले आप मजे ले रहे हो, पर वह दीन कम करता है। इसके लिए सही वजह से परामर्श करना जरूरी है।

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३) तनाव को संतुलित करें। (Manage Your Stress)

तनाव हर किसी को असर करता है, कोई भी समय, कोई भी परिस्थिति में, उससे भी ज्यादा स्वास्थ्य में और आपके संबंधों में तथा जातीय संबंध में भी असर करता है। परीक्षण के द्वारा पाया गया है, पुरुषों में तनाव ज्यादा होता है और इस वजह से वह नशे में भी ज्यादा जाते हैं। और ज्यादा तनाव से नपुंसकता भी हो सकती है। इसलिए आयुर्वेद के अनुसार मन को पसंद आए वैसे कार्य करने चाहिए।

जैसे की प्रकृति में घूमना चाहिए, सकारात्मक मित्रों से, पसंदीदा लोगों से मिलना चाहिए। तंबाकू, सिगरेट का सहारा नहीं लेना चाहिए।

आयुर्वेदिक वनस्पति जैसे के अश्वगंधा (Ashwagandha), शतावरी (Asparagus), बिदारी(Bidari) तनाव को संतुलित करने में मदद करती है।

४) देखिये आप क्या खाते हैं (Watch what you eat)

आहार आयुर्वेद का बहुत महत्वपूर्ण घटक है। आयुर्वेद आहार पर बहुत ज्यादा भार देता है। आज की तेज़ रफ्तार  ज़िंदगी (Fast life) में हम अपने आहार पर कम ध्यान देते हैं और

आयुर्वेद के अनुसार गलत आहार लेना, आहार का ना पचना यही सारे रोगों का मूल है।

इसीलिए शरीर का संतुलन बनाए रखने के लिए आयुर्वेद के नियमों के अनुसार आहार का सेवन करें। और अपने आहार (Diet) में फल, हरी सब्जियां और पौष्टिक धान का उपयोग करें।

रात को भारी खाना ना खाए।

५) उचित नींद लें (Get proper sleep)

नींद कितनी लंबी ले रहे हैं, यह महत्वपूर्ण नहीं है!

पर नींद कितनी गहरी ले रहे हैं, यह स्वास्थ्य को असर करता है।

इसके लिए हर रोज एक समय पर सोना और उठना हो सके तो स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, यह आयुर्वेद कहता है।

सोने की जगह शांत और अंधेरा होना चाहिए।

ध्यान रखे सोने के 1 घंटे पहले से टीवी और फोन का उपयोग बंद कर दे।

६) शरीर के मांसपेशियों को बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक आहार बढ़ाएं।

आजकल पुरुषों में मर्दाना रूप (Macho Look) की बहुत चाह होती है। इसलिए बहुत सारी स्वास्थ्य को नुकसान करने वाली चीजों का भी सेवन बढ़ जाता है। इस कारण से भविष्य में संपूर्ण स्वास्थ्य बिगड़ने की स्थिति आ जाती है।

आयुर्वेद में अश्वगंधा (Ashwagandha) और शिलाजीत (Shilajit) जैसी औषधि मांसपेशियों को बढ़ाने के लिए, ऊर्जा के स्तर को संतुलित रखने और बढ़ाने के लिए बहुत असर कारक है, और इसके कोई नुकसान भी नहीं है।

७) रिश्तों|संबंधों में सकारात्मक रहे

अगर संबंध अच्छे होते हैं, तो आपके तनाव को वह कम करने के लिए बहुत उपयोगी है।

परंतु आज के जीवन में काम की वजह से, तनाव की वजह से हम संबंधों में सकारात्मक नहीं रहते और उसकी असर संबंधों में दिखती है।

अपने संबंधों को खुशनुमा रखें और सकारात्मक रखें यह आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत बड़ा भाग है। हर कदम आनंदित रहे और जितना हो सके ज्यादा हंसिए।

८) ध्यान करें और मन को खुश रखे

जीवन में आनंद को बढ़ाने के लिए, खुशी को ज्यादा लाने के लिए खुद के पास आना जरूरी है। और अपने आप से पास आने के लिए ध्यान (Meditation) करना, योग (Yoga) करना बहुत जरूरी है।

इसकी वजह से आपका मन खुलता है, और सारी चीजों को सही तरीके से और सकारात्मक तरीके से समझने की क्षमता भी बढ़ती है।

९) स्वास्थ्य के लिए जागृत रहे

स्वास्थ्य के बारे में रोग आने से पहले ही जागृत हो जाना समझदारी की बात है, ऐसा आयुर्वेद कहता है। इसलिए आने वाली तकलीफ जैसे के डायबिटीज (Diabetes), ब्लड प्रेशर (Blood Pressure), कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) आदि जैसे रोगों के लिए जागृत रहे, और अपने स्वास्थ्य के लिए कौन सी चीजों को जीवन में लाए यह समझ कर, जीना ही श्रेष्ठ है।

१०) वैद्य से सही परामर्श ले

अस्पताल में हम तभी जाते हैं, जब हमें कोई रोग होता है या हमें कोई तकलीफ आती है। परंतु आयुर्वेद के अनुसार हर ऋतु बदलने पर और थोड़े समय के अंतराल में शरीर का चेकअप कर लेना चाहिए। इसके लिए सही वैद्य को मिले और कल जो आने वाले रोग है, उसका आज ही मूल पकड़े और निदान कर दे।

यही लंबा, स्वस्थ और आनंदमय जीवन का रास्ता है।

कृपया यह सारी चीजों को समझे, अपने जीवन में लाए और स्वास्थ्य के बारे में जागरूक बने, क्योंकि स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है। जब स्वास्थ्य नहीं रहता तब हम सब धन को लुटाने के लिए तैयार रहते हैं। तो समझदार बनना जरूरी है और पहले से रोग ना आए और स्वास्थ्य बना रहे उसके लिए प्रयत्न करें और आयुर्वेद को अपनाएं।

आयुर्वेद के मार्गदर्शन के लिए, हमारे जीवनशैली में क्या चीज चाहिए उसके लिए, निरामय स्वास्थ्यम् (Best Ayurvedic Treatment Center, Niramay Swasthyam) के द्वारा वैद्य योगेश वाणी जी का निशुल्क स्वास्थ्य केंद्र देखें।

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स्वस्थ रहो, मस्त रहो

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