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आपका शरीर अल्कलाइन है या एसिडिक? अपने शरीर के बारे में बड़ी बात जानिए।

क्या आप अपने दिनचर्या में जो खाना खा रहे हो!

आपका जो भोजन है, वह अल्कलाइन है या एसिडिक?

यही चीज समझना बहुत जरूरी है।

Your Body Alkaline or Acidic? know the great thing about your body.

भगवान ने जो हमारा शरीर बनाया है, हमारे शरीर की प्राकृतिक रचना है, वह अल्कलाइन है।

यह हमें कैसे पता चलेगा?

अल्कलाइन ओर एसिडिक है या नहीं यह ph में नापा जाता है।

जिसमें 0-14 अंक होते हैं। 7 अंक होता है जो न्यूट्रल (neutral) होता है। 7 से अगर 14 के बीच में होता है तो वह अल्कलाइन (Alkaline) होता है और अगर 7 से नीचे जाता है तो वह एसिडिक (Acidic) बनता है।

तो हमारी शरीर की रचना देखें तो उसमें,

रक्त कण (Blood Count) का ph- 7.3

हड्डियों (Bones) का ph 7.4

ह्रदय (Heart) का ph 7-7.4

मस्तिष्क (Brain) का ph 7.2

लिवर (Liver) का ph 7.2

आंतों (Intestines) का 7.5 से 8

मांस मज्जा का 6.9 – 7.3

लार (Saliva) का 7-7.4+

यह चीज समझे तो पता चलेगा कि हमारे शरीर की जो रचना है, वह जरा सी अल्कलाइन है।

परंतु आज हर रोज की कुछ ऐसी चीजें है, जिसके सेवन से, जिसके आसपास रहने से हमारे शरीर में एसिडिक लेवल बढ़ रहा है और उसके कारण एसिडिक रोगों का बढ़ावा हो रहा है।

जैसे के त्वचा के सारे रोग फंगल इन्फेक्शन (Fungal infections), सोरायसिस (Psoriasis), दाद (herpes), खुजली (itching), एसिडिटी (acidity), ह्रदय रोग (heart disease), पित्त का बढ़ना (Bile rise), माइग्रेन (migraine), बवासीर (hemorrhoids), कैंसर (Cancer), जोड़ो का दर्द (Joint Pain) जैसे बहुत सारे रोग आते हैं।

यह सारे रोगों को मिटाने के लिए, एक ही चीज महत्वपूर्ण है के शरीर में एसिडिटी लेवल को कम करके, उसको अल्कलाइन बनाया जाए।

पर पहले सवाल है कि शरीर में ऐसीडिक लेवल कैसे बढ़ता है?

सामान्य तौर पर हम जो खाना खाते हैं, हम जैसी हवा लेते हैं, और हमारा पानी कैसा है उसके ऊपर हमारा एसिडिक लेवल निर्भर करता है।

आज के खाने में चॉकलेट्स, फास्ट फूड, बाहर का खाना, मैदा, कोल्ड ड्रिंक्स, चीज, बियर, वाइन, विनेगर, हमारी सबकी मनपसंद चाय, कॉफी, मास, सोडा, एनर्जी ड्रिंक और ऐसी अनेक चीजें है जो शरीर में एसिडिटी लेवल को बढ़ाती है।

प्रदूषण से भरपूर हवा जिसमें कार्बन ज्यादा होता है, यह भी शरीर में एसिडिटी लेवल को बढ़ाती है।

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डिस्टिल्ड वॉटर (Distilled water) जो आज हम पीते हैं, उद्योगों के प्रदूषण से असर कारक पानी जिसका ph कम हुआ है, यह पानी भी शरीर में एसिडिटी लेवल को बढ़ाता है।

और सबसे महत्वपूर्ण जो हमें पता ही नहीं है, पर हम हर रोज लेते हैं वह है, हमारे घर की चीनी(Sugar)। सफेद चीनी जिसको बनाने के लिए जो केमिकल का उपयोग होते हैं, उसके ऊपर जो कार्य किया जाता है, उसकी वजह से यह शरीर में सबसे ज्यादा एसिड लेवल को बढ़ाता है।

आज काफी समय हमें पता ही नहीं चलता, कि हम कुछ नशा नहीं करते हैं, कुछ गलत चीजें नहीं लेते हैं, फिर भी कैंसर क्यों होने लगा है?, हमारे लीवर क्यों खराब हो जाता है?, रोग क्यों शरीर में घर कर जाते हैं? यह सवालों को समझे तो परीक्षण करने के बाद पता चलेगा कि शरीर में एसिड बढ़ने के यह सारे कारण जो हमें नहीं पता है, फिर भी हम ले रहे हैं उसी की वजह से रोगों का बढ़ावा हुआ है।

अब सवाल आता है कि शरीर में एसिडिक लेवल बढ़ रहा है, उसके कारण रोग बढ़ रहे हैं, तो क्या किया जाए?

एसिडिक के विरुद्ध में अल्कलाइन आता है। तो शरीर को अल्कलाइन बनाया जाए।

शरीर को अल्कलाइन बनाने के लिए क्या करें?

आयुर्वेद के अनुसार हमारे जो हरी सब्जी (Green vegetables) है जैसे ककड़ी (cucumber), ब्रोकली (broccoli), प्याज(onion), टमाटर(tomato), बीट (beets), कैप्सिकम (capsicum), पत्ता गोभी (cabbage), फूलगोभी (cauliflower) जैसे कई हरी सब्जियां है, जो प्राकृतिक तरीके से अल्कलाइन होती है और हमारे शरीर को अल्कलाइन करके पीएच लेवल को बनाए रखती है।

इसी तरीके से कई सारे फल है जैसे के केला (banana), सेब (apple), अंगूर (grapes), अनानास (pineapple), चेरी (cherry) यह सारे ऐसे फल है जो शरीर में अल्कलाइन लेवल को बनाए रखते हैं।

परंतु आज के समय में एक बहुत बड़ा सवाल है, कि जो भी सब्जियां है जो खेतों में उगती है, फल है जहां उगाए जाते हैं, वहां कीटनाशक (Pesticide) और दवाइयों का बहुत ज्यादा उपयोग होता है। और यह जो दवाई है उसमें केमिकल भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो यह सब्जियों को भी और फलों को भी बिगड़ते हैं। हमारे शरीर में एसिडिक लेवल को बढ़ाते हैं। इस वजह से ऐसी चीज भी हमारे शरीर को बड़ा नुकसान पहुंचाती है और रोगों को बुलावा देती है।

तो इसके लिए क्या करें?

जो भी सब्जी और फल हम लाते हैं, उसे 11.5 ph के पानी में धोना चाहिए और उसके बाद उसका उपयोग करना चाहिए। जिसकी वजह से उसके ऊपर उपयोग किए गए दवाइयों का असर खत्म हो जाता है, और वह हमें नुकसान नहीं करता।

जंक फूड और जो एसिडिक चीजों को बढ़ावा देता है, वैसे खाने को कम कर दे या बंद ही कर दे, जिसकी वजह से हमारे शरीर की रचना फिर से अल्कलाइन होना शुरू हो जाएगा, और हम आराम से 100 साल को भी जी सकते हैं।

आज थायराइड (thyroid), मोटापा (obesity) जैसे साधारण दिखने वाले रोगों में भी ऐसे ही खाना असर करता है। अगर ऐसा खाना कम कर दे तो मोटापा भी खत्म हो सकता है। जोड़ों का दर्द, कमर में दर्द इसमें भी शरीर में बढ़ने वाला एसिड ही असर करता है, अगर अल्कलाइन खाना और पीना शुरू कर दे, तो उसमें भी राहत मिलती है।

तो आइए आज से निर्णय लेते हैं कि, एसिडिक खाना कम करें या बंद ही करें और हमारी जीवन शैली में अल्कलाइन खाना जैसे के हरी सब्जियां और फलों का सेवन करें।

अल्कलाइन पानी पिए और हर एक चीज को स्वच्छ बनाकर, दवाइयों का असर मिटाकर ही उपयोग करें और स्वास्थ्य को बढ़ाएं और आनंदमय जीवन जिए।

ऐसी और ज्यादा जानकारी के लिए निरामय स्वास्थ्यम् (Best Ayurvedic Treatment Center, Niramay Swasthyam) उनके द्वारा वैद्य योगेश वाणी जी के स्वास्थ्य केंद्र में भाग ले और स्वास्थ्य के बारे में ज्यादा जानकारी पाए और रोगों में बिगड़ने वाले अपने पैसे को बचाए और आनंदमय जीवन को पाए।

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