Best Way to Treat cracks at home | Ayurveda |
3808
post-template-default,single,single-post,postid-3808,single-format-standard,bridge-core-2.8.4,pmpro-body-has-access,qodef-qi--no-touch,qi-addons-for-elementor-1.3,qode-page-transition-enabled,ajax_fade,page_not_loaded,,qode-theme-ver-26.8,qode-theme-bridge,disabled_footer_top,disabled_footer_bottom,qode_header_in_grid,elementor-default,elementor-kit-1289

Best Way to Treat cracks at home | Ayurveda

घर पर दरारें ठीक करने का सबसे अच्छा तरीका _ आयुर्वेद by Niramay Swasthyam

Best Way to Treat cracks at home | Ayurveda

एड़िया क्यों फटती है ? इसका इलाज घर पर कैसे हो सकता है ? आयुर्वेद की मदद लीजिए और स्वास्थ्य को पाएं।

एड़िया पढ़ना एक आम बात है। बहुत सारे लोगों की पैरों की एड़ियां में ड्राइनेस की वजह से एड़ियां फटी होती है। उसकी वजह से जलन, दर्द, फंगस और कभी-कभी उसमें से खून निकलता है उसको भी सहन करना पड़ता है। वैसे देखा जाए तो एडीओ का फटना एक आम बात हो गई है परंतु, आयुर्वेद के अनुसार हमारे शरीर में कुछ भी  असामान्य हो रहा है उसी का परिणाम शरीर के बाहरी और अंदरूनी हिस्सों में देखने को मिलता है।

तो इस तरीके से देखने जाए तो यह जो फटी हुई एड़ियां है यह क्यों होती है ?

इसका इलाज किस तरीके से होता है? यह जानना आपको बहुत जरूरी है। यह दर्द भरी फटी हड्डियों का इलाज किस तरीके से होता है इससे पहले इसके होने के कारण जानना जरूरी है।

आमतौर पर जब पैरों के तलवों और एडीओ की सेंसिटिव स्किन ड्राई हो जाती है तो यह फट जाती है। पैरों में रूखापन होने के कारण ऑडियो में दरारें पड़ जाती है। और इसे ही एडीओ का फटना कहा जाता है। डायबिटीज वाले रोगियों को ब्लड शुगर कंट्रोल में नहीं रहने की वजह से भी एड़िया फटने की संभावना बढ़ जाती है। ज्यादा वजन वाले व्यक्तियों का पूरे शरीर का वजन पैरों पर ही आता है उसकी वजह से भी एड़ियों की चमड़ी फट जाती है। इसलिए इसको अगर सामान्य मानकर छोड़ दिया जाए तो बाद में यह क्रैक मैं इंफेक्शन होने के भी रास्ते खुल जाते हैं।

एड़िया फटने के कारण

  • एड़ियां फटने की मुख्य वजह शरीर में कैल्शियम की कमी होती है।
  • पैरों में ऐसे साबुन का प्रयोग करना, जिसमें बहुत सारे केमिकल हों।
  • अत्यधिक जंक खाद्य पदार्थ जैसे पिज्जा, बर्गर आदि का सेवन करने से।
  • विटामिन, मिनरर्ल्स आदि की कमी।
  • पैरों की देखभाल ठीक से नहीं करना
  • पोषण रहित आहार का सेवन करना।
  • पैरों को अधिक गर्म पानी में देर तक रखना।
  • ठण्ड के मौसम में अक्सर एड़ियां फट जाती हैं।
  • थायरॉइड की बीमारी से।
  • दूध का सेवन ना करने से।
  • पैरों में नमी की कमी होना।
  • जब आप भरपूर मात्रा में पानी नहीं पीते हैं, तो शरीर में पानी की कमी की वजह से भी एड़ियां फट जाती हैं।
  • मोटापा, सोराइसिस और अर्थराइटिस जैसी बीमारियों की वजह से भी एड़ियां फटने की शिकायत हो सकती है।
  • अत्यधिक रूक्ष आहार का सेवन करने से शरीर में रूखापन आ सकता है, जिसकी वजह से एड़ियां फट सकती हैं।

फटी एड़ियों के घरेलू उपाय- Tips To Cure Crack Heels

  1. एलोवेरा जेल त्वचा के लिए बेहद लाभदायक है. जिस तरह ये स्किन को पोषण देता है, उसी तरह एड़ियों की दरारों को जल्द भरने में भी सहायक है. रात को सोने से पहले पैरों को अच्छी तरह से साफ करें. फिर इस पर एलोवेरा जेल लगाएं. इस पर पतले मोजे पहन लें।
  2. पका केला लें. इसके मसलकर फटी हुई एड़ियों पर लगाएं. 15 मिनट तक सूखने दें, फिर धो दें, फिर पैरों पर मॉस्चराइजर लगाएं और रात में ऐसे ही रहने दें।
  3. दूध और शहद को मिलाकर पेस्ट बना लें. इसे फटी एड़ियों पर लगाएं. सूखने दें. फिर ठंडे पानी से धो डालें. इससे पैरों को काफी पोषण मिलता है।
  4. चावल का आटा लें. इसमें शहद मिला लें. इसे लगाएं. सूखने पर धो दें. शहद से त्वचा को नमी मिलती है, तो चावल के आटे से खुरदुरापन दूर होता है।
  5. पैरों को अच्छी तरह से साफ कर लें. फिर इस पर नारियल तेल लगाएं. अगर एड़ियों से खून आ रहा है, तो भी नारियल का तेल काफी फायदेमंद है क्योंकि इसमें सूजन कम करने का गुण और एंटीमिक्रोबियल गुण पाए जाते हैं।
  6. फटी एड़ियों की समस्या में ग्लिसरीन तथा गुलाब जल लें। इन्हें मिला लें। इसे पैरों पर लगाएं। इससे आपकी फटी एड़ियां मुलायम हो जाएंगी।
  7. फटी एड़ियों की समस्या में ग्लिसरीन तथा गुलाब जल लें। इन्हें मिला लें। इसे पैरों पर लगाएं। इससे आपकी फटी एड़ियां मुलायम हो जाएंगी।

फटी एड़ियों की समस्या के दौरान आपका खान-पान (Your Diet in Cracks on Heel Problem)

फटी एड़ियों को ठीक करने के लिए आपका खान-पान ऐसा होना चाहिएः-

  • हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना चाहिए।
  • दूध, दही, मक्खन आदि स्निग्ध और मधुर आहार द्रव्यों का सेवन करना चाहिए।
  • यदि आप फटी एड़ियों से छुटकारा चाहते हैं तो अधिक से अधिक पानी पीने की आदत डालें। रोजाना 2 से 3 लीटर पानी पीना चाहिए।
  • खान-पान सही रखने से भी फटे पैर, फटी एड़ियों की समस्या दूर हो सकती है। सही खान-पान के लिए दूध, दही, ताजी सब्जियां, मांस तथा अन्य पोषक पदार्थों का सेवन करें।

इस तरह से कोई भी रोगो का जो निदान होता है अगर उसे सही ढंग से और सही तरीके से किया जाए तो उसका हल जरूर निकलता है। आयुर्वेद के अनुसार आपके जीवन शैली को ध्यान में रखने की वजह से ऐसे अनेक सामान्य और सामान्य रोगों से आप मुक्ति पा सकते हैं।

अपनी प्रकृति को संतुलित रखने के लिए सही वैद्य के द्वारा नाड़ी परीक्षण कराना भी बहुत जरूरी है।

ऐसे वैद्य कहां मिलेंगे?

लक्ष्मी नारायण चैरिटेबल ट्रस्ट संचालित निरामय स्वास्थ्यम् मैं वैद्य योगेश वाणी जी निशुल्क नाड़ी परीक्षण और कोई भी रोगों का निदान करते हैं। आपके किसी भी रोगों को प्राकृतिक और आयुर्वेदिक तरीके से जीवन से हटाने के लिए जल्दी ही निरामय स्वास्थ्य में अपनी अपनी अपॉइंटमेंट बुक कराएं।

रोगों के आने के बाद बेचैन होकर पैसे खर्च करके स्वास्थ्य को पाना यह मजबूरी है।

परंतु स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए रोग आए उससे पहले जरूरी पथ पर चलने के लिए नाड़ी परीक्षण करवाना और शरीर की जांच कराना यह समझदारी है।

Click here for YouTube Channel

सही जीवन शैली कहां से पता चलेगी?

निरामय स्वास्थ्यम् (Best Ayurvedic Treatment Center, Niramay Swasthyam) के द्वारा वैद्य योगेश वाणिजी समाज में स्वास्थ्य की जागृति के लिए बहुत प्रयास कर रहे हैं। (संपर्क नंबर – 9825440570)

लोगों को स्वास्थ्य मिले उसके लिए कई निशुल्क प्रवृत्तियां भी शुरू की है। उसमें सबसे महत्वपूर्ण निशुल्क प्रवृत्ति निशुल्क रोग मुक्ति व्याख्यान है। इसके अलावा भी हर हफ्ते उनके द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य केंद्र लिया जाता है। जिसका उद्देश्य यही है की हर मनुष्य स्वास्थ्य के बारे में जागृत हो, स्वस्थ रहने का विज्ञान समझे, और जो जीवनशैली अपनाएं उसकी वजह से उनके स्वास्थ्य में लाभ हो। क्योंकि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ समाज बना सकता है और स्वस्थ समाज से ही स्वस्थ देश का निर्माण होता है। इसीलिए स्वास्थ्य प्राप्त करने के लिए निरामय स्वास्थ्यम् के द्वारा चलने वाले ऐसे निशुल्क स्वास्थ्य की प्रवृत्तियों का लाभ लीजिए और समाज में जागृति फैलाए।

ज्यादा जानकारी के लिए संपर्क करे +91 98254 40570

अब स्वस्थ रहना है, बड़ा आसान।

स्वस्थ रहो मस्त रहो


Niramay Swasthyam​​​ Best Ayurvedic Treatment Center

स्वस्थ रहो मस्त रहो

No Comments

Post A Comment