| रक्तचाप | Blood Pressure
1990
page-template,page-template-elementor_header_footer,page,page-id-1990,page-child,parent-pageid-1424,bridge-core-2.8.4,pmpro-body-has-access,qodef-qi--no-touch,qi-addons-for-elementor-1.3,qode-page-transition-enabled,ajax_fade,page_not_loaded,,qode-theme-ver-26.8,qode-theme-bridge,disabled_footer_top,disabled_footer_bottom,qode_header_in_grid,elementor-default,elementor-template-full-width,elementor-kit-1289,elementor-page elementor-page-1990

Time has changed

रक्तचाप | Blood Pressure

प्राचीन उपचार क्यों मायने रखता है ??

प्राचीन उपचार की मदद से हमारा रोग जड़ मूल में से अच्छा होता है। आज जो भी उपचार हो रहा है वह शायद शारीरिक चीजें देख कर ही हो रहा है, इसीलिए रोग में मनचाहा परिणाम नहीं आ रहा।
हमारी संस्था पिछले कई सालों से ऊपर बताए हुए 5 तारीख को के साथ ही उचित निदान कर रही है जिससे हम असाध्य रोग में बहुत अच्छा परिणाम पा सके हैं।

आपका रक्तचाप | Blood Pressure ठीक हो सकता है,आरोग्य व्याख्यान से...

उच्च रक्तचाप | High Blood Pressure      कम रक्तचाप | Low Blood Pressure

(HTN) हाइपरटेंशन या उच्च रक्तचाप, जिसे कभी कभी धमनी उच्च रक्तचाप भी कहते हैं, एक पुरानी चिकित्सीय स्थिति है जिसमें धमनियों में रक्त का दबाव बढ़ जाता है। दबाव की इस वृद्धि के कारण, रक्त की धमनियों में रक्त का प्रवाह बनाये रखने के लिये दिल को सामान्य से अधिक काम करने की आवश्यकता पड़ती है। रक्तचाप में दो माप शामिल होती हैं, सिस्टोलिक और डायस्टोलिक, जो इस बात पर निर्भर करती है कि हृदय की मांसपेशियों में संकुचन (सिस्टोल) हो रहा है या धड़कनों के बीच में तनाव मुक्तता (डायस्टोल) हो रही है। आराम के समय पर सामान्य रक्तचाप 100-140 mmHg सिस्टोलिक (उच्चतम-रीडिंग) और 60-90 mmHg डायस्टोलिक (निचली-रीडिंग) की सीमा के भीतर होता है। उच्च रक्तचाप तब उपस्थित होता है यदि यह 90/140 mmHg पर या इसके ऊपर लगातार बना रहता है।

हाइपरटेंशन प्राथमिक (मूलभूत) उच्च रक्तचाप तथा द्वितीयक उच्च रक्तचाप के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। 90-95% मामले "प्राथमिक उच्च रक्तचाप" के रूप में वर्गीकृत किये जाते हैं, जिसका अर्थ है स्पष्ट अंतर्निहित चिकित्सीय कारण के बिना उच्च रक्तचाप।[1] अन्य परिस्थितियां जो गुर्दे, धमनियों, दिल, या अंतःस्रावी प्रणाली को प्रभावित करती हैं, शेष 5-10% मामलों (द्वितीयक उच्च रक्तचाप) का कारण होतीं हैं।

हाइपरटेंशन स्ट्रोक, मायोकार्डियल रोधगलन (दिल के दौरे), दिल की विफलता, धमनियों की धमनी विस्फार (उदाहरण के लिए, महाधमनी धमनी विस्फार), परिधीय धमनी रोग जैसे जोखिमों का कारक है और पुराने किडनी रोग का एक कारण है। धमनियों से रक्त के दबाव में मध्यम दर्जे की वृद्धि भी जीवन प्रत्याशा में कमी के साथ जुड़ी हुई है। आहार और जीवन शैली में परिवर्तन रक्तचाप नियंत्रण में सुधार और संबंधित स्वास्थ्य जटिलताओं के जोखिम को कम कर सकते हैं। हालांकि, दवा के माध्यम से उपचार अक्सर उन लोगों के लिये जरूरी हो जाता है जिनमें जीवन शैली में परिवर्तन अप्रभावी या अपर्याप्त हैं।

 

संकेत एवं लक्षण

उच्च रक्तचाप शायद ही कभी कोई लक्षण दिखाता है और आमतौर पर इसकी पहचान स्क्रीनिंग के माध्यम से होती है या जब इससे असंबंधित स्वास्थ्य समस्या के लिए देखभाल जरूरत पड़ती है। उच्च रक्तचाप से पीड़ित कुछ लोग सिरदर्द (विशेष रूप से सिर के पिछले हिस्से में और सुबह) तथा साथ ही चक्कर आने की, वर्टिगो टिनिटस (कान में गूंज या फुसफुसाहट की आवाज़), दृष्टि परिवर्तन तथा बेहोशी की शिकायत करते हैं।[9]

शारीरिक परीक्षण में, उच्च रक्तचाप का शक तब होता है जब ऑप्थेल्मोस्कोपी का उपयोग करते हुये आंखों के पीछे की ओर ऑप्टिक फंडस की जांच के समय हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी का पता चलता है।[10] प्रतिष्ठित रूप से, उच्च रक्तचाप से ग्रस्त रेटिनोपैथी में परिवर्तन की गंभीरता को I से IV तक की श्रेणी में वर्गीकृत किया जाता है, हालांकि इसके अधिक हल्के प्रकारों का एक दूसरे से भेद करना मुश्किल हो सकता है।[10] ऑप्थेल्मोस्कोपी के निष्कर्ष यह संकेत भी दे सकते हैं कि कोई व्यक्ति कितने लंबे समय तक उच्च रक्तचाप से ग्रसित रहा है।

Featured Thinking

आपका रक्तचाप | Blood Pressure ठीक हो सकता है

हमारी संस्था की काफी रिसर्च के बाद यह पाया है कि,दर्दी रक्तचाप | Blood Pressure होने का कारण समझे बिना दवाई पर खर्चा कर रहे।

आरोग्य व्याख्यान से..

रक्तचाप | Blood Pressure को ठीक करने के लिए उसे 5 भाग में विभाजित किया।

Diseases Analysis

Risk Management

Technology Advising

Consultation

Planning & Dieting

Panch-karm

Acupressure

How can we help you?

Appointment

    No Consulting

    No Operation

    No Reporting

    No Admission

    Frequently asked questions

    चिंता न करें हमारी संस्था रोग मुक्ति अभियान पर चल रही है,
    जिसमें रोग क्यों अच्छा नहीं होता है, दवा लेने के बाद भी रोग बार-बार क्यों होता है ??
    ऐसा क्या करना चाहिए जिससे रोग दूसरी बात ना हो उसके कहीं फैक्टर है वह समझ ने के लिए वैद्य वाणीजी का व्याख्यान सुनना होता है।

    3 से 4 महीने के बाद अच्छा होने का शुरू होता है और 12 महीने का कोर्स होता है।

    अच्छा, लेकिन हमारी संस्था भारत भर में पहली ऐसी संस्था है जो व्याख्यान से रोग मुक्ति हो वह चाहती है, इस वजह से संस्था हर राज्य में से दर्दी पहली बार वैद्य जी का व्याख्यान सुनने आते हैं।

    नहीं, हमारी संस्था दवा देना और दवा बेचने का काम नहीं करते हैं, आपको अच्छा करना वही हमारी संस्था का सिद्धांत है, अगर आप पूरी तरह अच्छा होना चाहते हैं तो एक बार आपको संस्था में आकर वहीद जी का व्याख्यान सुनना होगा।

    हमारी संस्था सोमवार से शुक्रवार में Appointment लेकर आना होता है, और आपको संस्था में से मैसेज आता है

    हमारी संस्था में फाइल चार्ज, कंसल्टेंसी चार्ज नहीं होता है, निशुल्क निदान किया जाता है लेकिन आपके प्रकृति के तथा 7 धातु के अनुसार प्राकृतिक दवाई दी जाती है उसका एक खर्च होता है।

    हमारी संस्था है यह प्राइवेट नहीं है केवल समाज के लिए काम करती है।

    सही बात है। लेकिन आपने जो ट्रीटमेंट(Treatment) ली है वह बाहर से की होती है, इसीलिए थोड़े टाइम (Temporary) के लिए अच्छा होता है।

    To book your Appointment . Contact Us

    Our Patient say

    12 sal purana psoriasis thik hua, thanks Dr. Wani for your help
    Amit Tale
    Happy Patient
    सर जी का समझाने ओर बीमारी के बारे में पूर्ण विवरण को आत्मीयता से बताने का तरीका बहुत ही अच्छा लगा
    धन्यवाद सर जी
    Jagdish Puri
    Happy Patient
    All India se patient aate he psoriasis me bahot sacha upchar he.
    Khub khub abhar sir
    Sheetal Patel
    Happy Patient
    Aaj Dr. Yogesh wani ke sath health ke upper jo counsling hui bahut acha laga. Hamari health sambandhi jo jankari mili unhe apne gher aur frnd ke sath sanjha karug
    मैं स्वस्थ हूँ
    मैं स्वस्थ ही हूँ
    मेरा स्वस्थ रहना जन्मसिद्ध हक है
    Thanks sir
    Balbir Singh
    Happy Patient
    Me sir se mila, sir ne psoriasis se thik hone ke Jo tarike bataye vah agar sahi se palan kiye jaye to puri tarah thik ho jaege Sir ne bahut sari jankari di Jo bahut achi he...
    sunil yadav
    Happy Patient