For great and healthy life know the important things about Constipation. |
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For great and healthy life know the important things about Constipation.

16 For great and healthy life know the important things about Constipation.

For great and healthy life know the important things about Constipation.

आज की तेज भागदौड़ भरी जीवनशैली में कब्ज (Constipation) एक ऐसी समस्या है जिसके कारण पेट ठीक से साफ नहीं होता और शौच के दौरान बहुत तकलीफ होती हैं। इस कारण रोगी को कई बार शौच के लिए जाना पड़ता है। पेट साफ ना होने से पूरे दिन आलस बनी रहती है। कोईभी काम में मन नहीं लगता। कब्ज की समस्या के कारण मल त्यागने के लिए ज्यादा जोर लगाना पड़ता है, घण्टों बैठे रहना पडता है।

क्या आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, क्या आप भी कब्ज (Constipation) से परेशान हैं?



For great and healthy life know the important things about Constipation.

लम्बे समय तक कब्ज की समस्या रहने से कई और बीमारियां होने की सम्भावना रहती है। इसलिए कब्ज के लक्षणों को ध्यानमे ले और इसका निदान कराएं।

कब्ज क्या है? (What is Constipation?)

आयुर्वेद के अनुसार, शरीर का संतुलन वात, पित्त, कफ दोषों पर निर्भर करता है। इनमें हुए असंतुलन के कारण शरीर रोगों से घिर जाता है। खान-पान एवं जीवनशैली में लापरवाही के कारण जब जठराग्नि मन्द हो जाती है तथा आहार सही समय पर ठीक प्रकार से नहीं पचता, इससे शरीर के दोष असंतुलित तथा दूषित होकर रोग उत्पन्न करते हैं। कब्ज में मुख्य वात दोष की दुष्टि होती है, जिस कारण मल सूखा और कठोर हो जाता है। सही समय पर मलत्याग नहीं हो पाता।

कब्ज होने के कारण (Constipation Causes in Hindi)

कब्ज की बीमारी होने के कई कारण होते हैं, जो ये हैंः-

    • पानी कम पीना या तरल पदार्थों का सेवन कम करना।
    • भोजन में रेशेदार आहार की कमी होना।
    • मैदे से बने हुए भोजन का सेवन करना।
    • समय पर भोजन ना करना।
    • तले हुए मिर्च-मसालेदार भोजन का सेवन करना।
    • रात में देर से भोजन करना।
    • अधिक मात्रा में चाय, कॉफी, तंबाकू या सिगरेट आदि का सेवन करना।
    • देर रात तक जागने की आदत।
    • भोजन पचे बिना ही वापस भोजन करना।
    • चिन्ता या तनावयुक्त जीवन जीना।
    • हार्मोन्स का असंतुलन होना।

कब्ज के लक्षण (Constipation Symptoms)

कब्ज की पहचान ये हैः-

    • धका लगाने पर ही मलत्याग होना।
    • पेट में दर्द एवं भारीपन रहना।
    • पेट में गैस बनना।
    • मल का सख्त एवं सूखा होना।
    • सिर में दर्द रहना।
    • बिना श्रम करें आलस होना।
    • मल वाहिनी में दर्द होना।
    • मुंह से दुर्गन्ध आना।
    • त्वचा पर दाने या फुंसियां होना।
    • मुंह में छाले भी कब्ज की वजह से एक आम समस्या है।

कब्ज में आपका आहार (Your Diet in Constipation)

कब्ज से राहत पाने के लिए आपका आहार ऐसा होना चाहिएः-

    • गेहूं के आटे में बेसन मिलाएं और खाएं।
    • रोज कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं, और तरल पदार्थ पिएं।
    • अधिक से अधिक फल, सब्जियां और रेशेदार आहार खाएं, क्योंकि फाइबर युक्त आहार की कमी भी कब्ज का एक मुख्य कारण है। 20-30 ग्राम दैनिक आहार में फाइबर होना चाहिए। इसके अलावा, ध्यान रखें कि अधिक मात्रा में फाइबर का सेवन करने से गैस और पेट फूल सकता है।
    • फलों में अंगूर, पपीता, अंजीर, अनानास और नाशपाती अधिक खाएं। कब्ज की समस्या में ये फल फायदेमंद हैं।
    • सब्जियों में, हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे गोभी, गाजर, ब्रोकोली और पालक का सेवन करें।

कब्ज में आपकी जीवनशैली (Your Lifestyle in Constipation Disease)

कब्ज के निदान में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका आपके जीवनशैली की होती है। अगर आप अपनी जीवनशैली में उचित बदलाव करते है तो आसानी से कब्ज से छुटकारा पा सकते हैं।

आइए जानते हैं कि आपकी जीवनशैली कैसी होनी चाहिए,

    • समय पर खाएं, और पहली बार का भोजन पचने के बाद ही दूसरी बार खाएं।
    • रात में हमेशा जागने की आदत छोड़ दें।
    • तनाव मुक्त जीवन जीने की कोशिश करें।
    • योगासन करें।

कब्ज में आहार नियम (Avoid These in Constipation)

    • कब्ज के रोगियों को दूध और पनीर का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए।
    • मैदे से बनी चीजों को आहार में बिल्कुल ना खाएं।
    • अधिक तैलीय और मिर्च-मसालेदार भोजन से दूर रहें।
    • कब्ज में, मुख्य रूप से वात को शांत करनेवाले आहार को लेना चाहिए। ठंडे गुणों वाले आहार से बचना चाहिए। गर्म गुणों और अच्छी तरह से पके हुए भोजन का सेवन करना चाहिए।

अब स्वस्थ रहना है, बड़ा आसान,

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स्वस्थ रहे, मस्त रहे।

आज की तेज भागदौड़ भरी जीवनशैली में कब्ज (Constipation) एक ऐसी समस्या है जिसके कारण पेट ठीक से साफ नहीं होता और शौच के दौरान बहुत तकलीफ होती हैं। इस कारण रोगी को कई बार शौच के लिए जाना पड़ता है। पेट साफ ना होने से पूरे दिन आलस बनी रहती है। कोईभी काम में मन नहीं लगता। कब्ज की समस्या के कारण मल त्यागने के लिए ज्यादा जोर लगाना पड़ता है, घण्टों बैठे रहना पडता है।

क्या आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, क्या आप भी कब्ज (Constipation) से परेशान हैं?

For great and healthy life know the important things about Constipation.

लम्बे समय तक कब्ज की समस्या रहने से कई और बीमारियां होने की सम्भावना रहती है। इसलिए कब्ज के लक्षणों को ध्यानमे ले और इसका निदान कराएं।

कब्ज क्या है? (What is Constipation?)

आयुर्वेद के अनुसार, शरीर का संतुलन वात, पित्त, कफ दोषों पर निर्भर करता है। इनमें हुए असंतुलन के कारण शरीर रोगों से घिर जाता है। खान-पान एवं जीवनशैली में लापरवाही के कारण जब जठराग्नि मन्द हो जाती है तथा आहार सही समय पर ठीक प्रकार से नहीं पचता, इससे शरीर के दोष असंतुलित तथा दूषित होकर रोग उत्पन्न करते हैं। कब्ज में मुख्य वात दोष की दुष्टि होती है, जिस कारण मल सूखा और कठोर हो जाता है। सही समय पर मलत्याग नहीं हो पाता।

कब्ज होने के कारण (Constipation Causes in Hindi)

कब्ज की बीमारी होने के कई कारण होते हैं, जो ये हैंः-

    • पानी कम पीना या तरल पदार्थों का सेवन कम करना।
    • भोजन में रेशेदार आहार की कमी होना।
    • मैदे से बने हुए भोजन का सेवन करना।
    • समय पर भोजन ना करना।
    • तले हुए मिर्च-मसालेदार भोजन का सेवन करना।
    • रात में देर से भोजन करना।
    • अधिक मात्रा में चाय, कॉफी, तंबाकू या सिगरेट आदि का सेवन करना।
    • देर रात तक जागने की आदत।
    • भोजन पचे बिना ही वापस भोजन करना।
    • चिन्ता या तनावयुक्त जीवन जीना।
    • हार्मोन्स का असंतुलन होना।

कब्ज के लक्षण (Constipation Symptoms)

कब्ज की पहचान ये हैः-

    • धका लगाने पर ही मलत्याग होना।
    • पेट में दर्द एवं भारीपन रहना।
    • पेट में गैस बनना।
    • मल का सख्त एवं सूखा होना।
    • सिर में दर्द रहना।
    • बिना श्रम करें आलस होना।
    • मल वाहिनी में दर्द होना।
    • मुंह से दुर्गन्ध आना।
    • त्वचा पर दाने या फुंसियां होना।
    • मुंह में छाले भी कब्ज की वजह से एक आम समस्या है।

कब्ज में आपका आहार (Your Diet in Constipation)

कब्ज से राहत पाने के लिए आपका आहार ऐसा होना चाहिएः-

    • गेहूं के आटे में बेसन मिलाएं और खाएं।
    • रोज कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं, और तरल पदार्थ पिएं।
    • अधिक से अधिक फल, सब्जियां और रेशेदार आहार खाएं, क्योंकि फाइबर युक्त आहार की कमी भी कब्ज का एक मुख्य कारण है। 20-30 ग्राम दैनिक आहार में फाइबर होना चाहिए। इसके अलावा, ध्यान रखें कि अधिक मात्रा में फाइबर का सेवन करने से गैस और पेट फूल सकता है।
    • फलों में अंगूर, पपीता, अंजीर, अनानास और नाशपाती अधिक खाएं। कब्ज की समस्या में ये फल फायदेमंद हैं।
    • सब्जियों में, हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे गोभी, गाजर, ब्रोकोली और पालक का सेवन करें।

कब्ज में आपकी जीवनशैली (Your Lifestyle in Constipation Disease)

कब्ज के निदान में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका आपके जीवनशैली की होती है। अगर आप अपनी जीवनशैली में उचित बदलाव करते है तो आसानी से कब्ज से छुटकारा पा सकते हैं।

आइए जानते हैं कि आपकी जीवनशैली कैसी होनी चाहिए,

    • समय पर खाएं, और पहली बार का भोजन पचने के बाद ही दूसरी बार खाएं।
    • रात में हमेशा जागने की आदत छोड़ दें।
    • तनाव मुक्त जीवन जीने की कोशिश करें।
    • योगासन करें।

कब्ज में आहार नियम (Avoid These in Constipation)

    • कब्ज के रोगियों को दूध और पनीर का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए।
    • मैदे से बनी चीजों को आहार में बिल्कुल ना खाएं।
    • अधिक तैलीय और मिर्च-मसालेदार भोजन से दूर रहें।
    • कब्ज में, मुख्य रूप से वात को शांत करनेवाले आहार को लेना चाहिए। ठंडे गुणों वाले आहार से बचना चाहिए। गर्म गुणों और अच्छी तरह से पके हुए भोजन का सेवन करना चाहिए।

अब स्वस्थ रहना है, बड़ा आसान,

निशुल्क नाड़ी परीक्षण कराये, International Awarded Vaidya Yogesh Vani ji के द्वारा,

रोगमुक्त रहिए, आइए और जुड़िए हमारी संस्था के, रोग मुक्ति अभियान’ में सहयोग दीजिए और तंदुरुस्त जीवन जीए।

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स्वस्थ रहे, मस्त रहे।

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